* बच्चो के भूखे पेट को, पहचान लेता है, पिता एक रोटी हिस्सों में, बाँट देता है, माँ बीमार, चून ख़तम, लकडियाँ गीली, आज फिर नहीं जलूँगा, चूल्हा भांप लेता है .....* * एहसान लेना ज़मीर को, गवारा नहीं लगता मुफलिस एक चादर में, सर्द राते काट लेता है ..... चुल्लू भर पानी में, वो शख्स, डूब मर जाए, अपने काम की खातिर, जो तलवे चाट लेता है ..... बुरे वक़्त से कहाँ तक, बच सकोगे आप, आदमी ऊंट पर बैठा हो, कुत्ता काट लेता है .

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